शेखावाटी विश्वविद्यालय : वार्षिकोत्सव 'प्रत्युषा 2025' में दिखी शेखावाटी कला और संस्कृति
सीकर 30 मार्च। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 'प्रत्युषा 2025' का रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। वार्षिकोत्सव में शेखावाटी की कला, साहित्य और संस्कृति की अद्वितीय झलक देखने को मिली। इस अवसर पर राज्य की शिक्षा, संस्कृति और धरोहर : सतत विकास का आधार विषयक संगोष्ठी के मंथन के लिए भी शिक्षाविद् जुटे।
शेखावाटी विवि के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने बताया कि तीन दिन तक आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे विजेताओं को भी समापन समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुस्तक मेला, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, शहीद चित्रण प्रदर्शनी, फूड स्टॉल्स,'दृष्टि' फोटो प्रतियोगिता और प्रदर्शनी, गायन-नृृत्य, पेंटिंग, क्विज और संभाषण कौशल प्रतियोगिता रही।
जल, जंगल और जमीन बचाने का संदेश
राजस्थान दिवस के अवसर पर राजस्थान के विकास के लिए सुझाव आमंत्रित करने के लिए 'राजस्थान की शिक्षा संस्कृति और धरोहर : सतत विकास का आधार' विषय संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता पदम् श्री लक्ष्मण सिंह लापोडिया और पदम् श्री हिम्मताराम भांभू थे।उन्होंने जल, जंगल और जमीन के लिए चिंता जाहिर करते हुए उन्हें बचाने का संदेश दिया। अध्यक्षता शेखावाटी विवि के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने की। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य की शुरुआत हमारे घर से ही होनी चाहिए। सारस्वत अतिथि के रूप में पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, कमलेश पारीक, जोधपुर के प्रोफेसर राजेश दुबे, चिरंजी लाल महेरिया, कानसिंह निर्वाण, राजस्थान पत्रिका सीकर के संपादक रुद्रेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार रवि पाराशर आदि ने विचार व्यक्त किए। बनवारी नेहरा ने आभार व्यक्त किया। कुलसचिव श्वेता यादव भी उपस्थित थी।
इसअवसर पर 'स्मार्ट विलेज निर्माण में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की ग्राम्य जीवन अवधारणा' पर ग्रामीण चौपाल आयोजित की गई। इन सत्रों में मिले सुझावों को राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। सुबह के सत्र में पूर्व छात्र सम्मेलन हुआ। इसमें विवि की एलुमिनाई कार्यकारिणी का गठन करने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पुरानी यादों को ताजा किया गया। शाम के सत्र में जिला प्रशासन और पीडीएस यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राजस्थान दिवस पर कवि रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर कुलसचिव श्वेता यादव, निदेशक ( अकादमिक, शोध, खेल) डॉ राजेंद्र सिंह, उप कुलसचिव (संबद्धता ) डॉ. रविंद्र कटेवा, सहायक कुलसचिव ( परीक्षा) डॉ संजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरिंदम बासु, निदेशक आईटी पंकज मील, डॉ. महेश गुप्ता, डॉ आरएस चुंडावत, बीएस राठौड़ आदि मौजूद रहे।
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